Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.39.33: हे मूर्ख! तू तो सदैव गीदड़ रहा है और अर्जुन सदैव सिंह रहा है। वीरों के प्रति द्वेष रखने के कारण ही तू गीदड़ जैसा प्रतीत होता है। 33 | mahabharat अध्याय 8.39: शल्यका कर्णके प्रति अत्यन्त आक्षेपपूर्ण वचन कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मूर्ख! तू तो सदैव गीदड़ रहा है और अर्जुन सदैव सिंह रहा है। वीरों के प्रति द्वेष रखने के कारण ही तू गीदड़ जैसा प्रतीत होता है। 33
‘O fool! You have always been a jackal and Arjuna has always been a lion. It is because of your hatred towards brave men that you appear like a jackal. 33
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥