श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 39: शल्यका कर्णके प्रति अत्यन्त आक्षेपपूर्ण वचन कहना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  8.39.20 
ईषादन्तं महानागं प्रभिन्नकरटामुखम्।
शशको ह्वयसे युद्धे कर्ण पार्थं धनंजयम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
कर्ण! जैसे खरगोश राजा के दण्ड के समान दाँत वाले महान् हाथी को युद्ध के लिए बुलाता है, उसी प्रकार तुम भी कुन्तीपुत्र धनंजय को युद्धभूमि में बुलाओ।
 
Karna! Just as a rabbit calls a great elephant with teeth like the staff of a king's staff to fight with it, in the same way you too call upon Kunti's son Dhananjaya to the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)