Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.39.2: हे राधापुत्र! तुम यहाँ कुबेर की तरह मूर्खतापूर्वक धन लुटा रहे हो। आज तुम बिना प्रयत्न किए ही अर्जुन को देख लोगे।   |   mahabharat अध्याय 8.39: शल्यका कर्णके प्रति अत्यन्त आक्षेपपूर्ण वचन कहना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 39: शल्यका कर्णके प्रति अत्यन्त आक्षेपपूर्ण वचन कहना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  8.39.2 
बाल्यादिह त्वं त्यजसि वसु वैश्रवणो यथा।
अयत्नेनैव राधेय द्रष्टास्यद्य धनंजयम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
हे राधापुत्र! तुम यहाँ कुबेर की तरह मूर्खतापूर्वक धन लुटा रहे हो। आज तुम बिना प्रयत्न किए ही अर्जुन को देख लोगे।
 
O son of Radha! You are foolishly squandering wealth like Kubera here. Today you will see Arjuna without even trying.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)