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mahabharat 8.39.10: मैं यह बात दुर्योधन के हित के लिए कह रहा हूँ, हिंसा के लिए नहीं। यदि तुम जीवित रहना चाहते हो, तो मेरी बात पर विश्वास करो॥10॥   |   mahabharat अध्याय 8.39: शल्यका कर्णके प्रति अत्यन्त आक्षेपपूर्ण वचन कहना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.39.10 
हितार्थं धार्तराष्ट्रस्य ब्रवीमि त्वां न हिंसया।
श्रद्धस्वैवं मया प्रोक्तं यदि तेऽस्ति जिजीविषा॥ १०॥
 
 
अनुवाद
मैं यह बात दुर्योधन के हित के लिए कह रहा हूँ, हिंसा के लिए नहीं। यदि तुम जीवित रहना चाहते हो, तो मेरी बात पर विश्वास करो॥10॥
 
I am saying this for the benefit of Duryodhan and not for any violence. If you wish to live, then believe in what I say.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)