शतं ग्रामवरांश्चैव दद्यामर्जुनदर्शिने।
तथा तस्मै पुनर्दद्यां श्वेतमश्वतरीरथम्॥ ५॥
युक्तमञ्जनकेशीभिर्यो मे ब्रूयाद् धनंजयम्।
अनुवाद
इतना ही नहीं, जो मुझे अर्जुन का दर्शन कराएगा, उसे मैं सौ बड़े-बड़े गाँव दूँगा। जो मुझे अर्जुन का पता बताएगा, उसे मैं खच्चरों से खींचा जाने वाला एक श्वेत रथ भी दूँगा; जिसमें काले बालों वाली युवतियाँ बैठी होंगी।॥5 1/2॥
‘Not only this, I will give a hundred big villages to the person who shows me Arjuna. I will also gift a white chariot drawn by mules to the one who tells me about Arjuna's whereabouts; in which young girls with black hair will be sitting.॥ 5 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥