vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 38: कर्णके द्वारा श्रीकृष्ण और अर्जुनका पता बतानेवालेको नाना प्रकारकी भोगसामग्री और इच्छानुसार धन देनेकी घोषणा
»
श्लोक 22
श्लोक
8.38.22
एता वाच: सुबहुश: कर्ण उच्चारयन् युधि।
दध्मौ सागरसम्भूतं सुस्वरं शङ्खमुत्तमम्॥ २२॥
अनुवाद
ये सब बातें बार-बार कहते हुए कर्ण ने युद्धस्थल में समुद्र से उत्पन्न अपने उत्तम शंख को जोर से बजाया।
Saying all these things repeatedly, Karna blew loudly on his excellent conch which was produced from the ocean on the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×