श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 38: कर्णके द्वारा श्रीकृष्ण और अर्जुनका पता बतानेवालेको नाना प्रकारकी भोगसामग्री और इच्छानुसार धन देनेकी घोषणा  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  8.38.22 
एता वाच: सुबहुश: कर्ण उच्चारयन् युधि।
दध्मौ सागरसम्भूतं सुस्वरं शङ्खमुत्तमम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
ये सब बातें बार-बार कहते हुए कर्ण ने युद्धस्थल में समुद्र से उत्पन्न अपने उत्तम शंख को जोर से बजाया।
 
Saying all these things repeatedly, Karna blew loudly on his excellent conch which was produced from the ocean on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)