श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 38: कर्णके द्वारा श्रीकृष्ण और अर्जुनका पता बतानेवालेको नाना प्रकारकी भोगसामग्री और इच्छानुसार धन देनेकी घोषणा  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  8.38.13-14h 
सुदान्तानपि चैवाहं दद्यामष्टादशापरान्।
रथं च शुभ्रं सौवर्णं दद्यां तस्मै स्वलंकृतम्॥ १३॥
युक्तं परमकाम्बोजैर्यो मे ब्रूयाद् धनंजयम्।
 
 
अनुवाद
इनके अतिरिक्त मैं अठारह घोड़े और दूँगा, जो रथ में अच्छी तरह जुते हुए होंगे। जो मुझे अर्जुन का पता बताएगा, उसे मैं आभूषणों से सुसज्जित तथा उत्तम नस्ल के काबुली घोड़ों से जगमगाता हुआ एक स्वर्ण रथ दूँगा॥13 1/2॥
 
‘Apart from these I will give eighteen more horses, which will be well harnessed in the chariot. To the one who will tell me the whereabouts of Arjun I will give a golden chariot decorated with ornaments and shining with the best breed of Kabuli horses.॥ 13 1/2॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas