श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 36: कर्णका युद्धके लिये प्रस्थान और शल्यसे उसकी बातचीत  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  8.36.5 
कर्णस्य यच्छ संग्रामे मद्रराज हयोत्तमान्।
त्वयाभिगुप्तो राधेयो विजेष्यति धनंजयम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
मद्रराज! आप युद्ध में कर्ण के इन उत्तम घोड़ों को नियंत्रित करते हैं। आपकी रक्षा से राधापुत्र कर्ण अवश्य ही अर्जुन को परास्त करेगा।॥5॥
 
Madraraj! You control these excellent horses of Karna in the battle. Protected by you, Radha's son Karna will surely defeat Arjun.'॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)