Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.36.31-32: जब तुम देखोगे कि युद्धस्थल में धर्मपुत्र युधिष्ठिर, नकुल-सहदेव तथा अन्य अजेय राजा बड़ी तेजी से अपने हाथों का प्रयोग कर रहे हैं, अपने तीखे बाणों से आकाश में बादलों के समान छाया उत्पन्न कर रहे हैं, निरन्तर बाणों की वर्षा कर रहे हैं और शत्रुओं का संहार कर रहे हैं, तब तुम ऐसे वचन नहीं बोल पाओगे। | mahabharat अध्याय 8.36: कर्णका युद्धके लिये प्रस्थान और शल्यसे उसकी बातचीत । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब तुम देखोगे कि युद्धस्थल में धर्मपुत्र युधिष्ठिर, नकुल-सहदेव तथा अन्य अजेय राजा बड़ी तेजी से अपने हाथों का प्रयोग कर रहे हैं, अपने तीखे बाणों से आकाश में बादलों के समान छाया उत्पन्न कर रहे हैं, निरन्तर बाणों की वर्षा कर रहे हैं और शत्रुओं का संहार कर रहे हैं, तब तुम ऐसे वचन नहीं बोल पाओगे।
When you will see that in the battle field, Dharmaputra Yudhishthira, Nakula-Sahadeva and other invincible kings are using their hands very swiftly, creating shadows like the clouds in the sky with their sharp arrows, continuously showering arrows and killing the enemies, then you will not be able to utter such words.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥