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mahabharat 8.36.27-28: शल्य बोले - सूतपुत्र ! तुम पाण्डवों की उपेक्षा कैसे करते हो ? वे सभी अस्त्र-शस्त्रों में निपुण, महान धनुर्धर, अत्यन्त बलवान, युद्ध से कभी पीछे न हटने वाले, अजेय और सच्चे शूरवीर हैं ॥27-28॥   |   mahabharat अध्याय 8.36: कर्णका युद्धके लिये प्रस्थान और शल्यसे उसकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 36: कर्णका युद्धके लिये प्रस्थान और शल्यसे उसकी बातचीत  »  श्लोक 27-28
 
 
श्लोक  8.36.27-28 
शल्य उवाच
सूतपुत्र कथं नु त्वं पाण्डवानवमन्यसे॥ २७॥
सर्वास्त्रज्ञान् महेष्वासान् सर्वानेव महाबलान्।
अनिवर्तिनो महाभागानजय्यान् सत्यविक्रमान्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
शल्य बोले - सूतपुत्र ! तुम पाण्डवों की उपेक्षा कैसे करते हो ? वे सभी अस्त्र-शस्त्रों में निपुण, महान धनुर्धर, अत्यन्त बलवान, युद्ध से कभी पीछे न हटने वाले, अजेय और सच्चे शूरवीर हैं ॥27-28॥
 
Shalya said – Son of Suta! How do you ignore the Pandavas? All of them are experts in all weapons, great archers, extremely powerful, never retreating from battle, invincible and truly brave. 27-28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)