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mahabharat 8.36.2: जैसे मातलि इन्द्र के घोड़ों वाले रथ की लगाम संभालते हैं, वैसे ही वे तुम्हारे रथ के घोड़ों को भी संभालेंगे॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 8.36: कर्णका युद्धके लिये प्रस्थान और शल्यसे उसकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 36: कर्णका युद्धके लिये प्रस्थान और शल्यसे उसकी बातचीत  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  8.36.2 
यथा हरिहयैर्युक्तं संगृह्णाति स मातलि:।
शल्यस्तथा तवाद्यायं संयन्ता रथवाजिनाम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
जैसे मातलि इन्द्र के घोड़ों वाले रथ की लगाम संभालते हैं, वैसे ही वे तुम्हारे रथ के घोड़ों को भी संभालेंगे॥ 2॥
 
Just as Matali controls the reins of Indra's chariot drawn by horses, similarly he will control the horses of your chariot.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)