Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.35.42: हे भरतश्रेष्ठ! मैं जहाँ भी और जब भी जिस कार्य के लिए समर्थ होऊँगा, यदि आप मुझे उस कार्य के लिए नियुक्त करेंगे, तो मैं उस कार्य को पूरे मन से करूँगा। ॥42॥ | mahabharat अध्याय 8.35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतश्रेष्ठ! मैं जहाँ भी और जब भी जिस कार्य के लिए समर्थ होऊँगा, यदि आप मुझे उस कार्य के लिए नियुक्त करेंगे, तो मैं उस कार्य को पूरे मन से करूँगा। ॥42॥
O best of the Bharatas! Wherever and whenever I am capable of any task, if you appoint me to that task, I will carry out that task with all my heart. ॥ 42॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥