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mahabharat 8.35.4-5h: महाराज! जिस प्रकार देवताओं ने महादेव से भी श्रेष्ठ ब्रह्मा को अपना सारथी चुना था, उसी प्रकार हमने भी आपको चुना है। अतः हे पराक्रमी राजन! आप युद्ध में राधापुत्र कर्ण के घोड़ों का संचालन करें।   |   mahabharat अध्याय 8.35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति  »  श्लोक 4-5h
 
 
श्लोक  8.35.4-5h 
यथा देवैर्महाराज ईश्वरादधिको वृत:।
तथा भवानपि क्षिप्रं रुद्रस्येव पितामह:॥ ४॥
नियच्छ तुरगान् युद्धे राधेयस्य महाद्युते।
 
 
अनुवाद
महाराज! जिस प्रकार देवताओं ने महादेव से भी श्रेष्ठ ब्रह्मा को अपना सारथी चुना था, उसी प्रकार हमने भी आपको चुना है। अतः हे पराक्रमी राजन! आप युद्ध में राधापुत्र कर्ण के घोड़ों का संचालन करें।
 
Maharaj! Just as the gods had chosen Brahma, who is greater than Mahadeva, as their charioteer, we have also chosen you in the same manner. Therefore, O mighty king! You should control the horses of Radha's son Karna in the war. 4 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)