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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  8.35.39 
पार्थस्य सचिव: कृष्णो यथाभीषुग्रहो वर:।
तथा त्वमपि राधेयं सर्वत: परिपालय॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
जैसे श्रीकृष्ण अर्जुन के श्रेष्ठ सचिव और सारथि हैं, उसी प्रकार आप भी राधापुत्र कर्ण की पूर्णतः रक्षा करें॥39॥
 
Just as Shri Krishna is Arjun's best secretary and charioteer, in the same way you also protect Radha's son Karna completely.' 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)