Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.35.3: जैसे देवताओं ने बड़े प्रयत्न से ब्रह्माजी को वहाँ चुना था, वैसे ही हमने भी विशेष प्रयत्न करके आपको, जो कर्ण से भी अधिक शक्तिशाली हैं, सारथि के कार्य के लिए चुना है॥3॥   |   mahabharat अध्याय 8.35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  8.35.3 
यथा देवगणैस्तत्र वृतो यत्नात् पितामह:।
तथास्माभिर्भवान् यत्नात् कर्णादभ्यधिको वृत:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
जैसे देवताओं ने बड़े प्रयत्न से ब्रह्माजी को वहाँ चुना था, वैसे ही हमने भी विशेष प्रयत्न करके आपको, जो कर्ण से भी अधिक शक्तिशाली हैं, सारथि के कार्य के लिए चुना है॥3॥
 
Just as the gods had chosen Lord Brahma there with great effort, similarly we, with our special efforts, chose you, who is even more powerful than Karna, for the duty of charioteer. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)