Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.35.26-27h: ‘आदरणीय महोदय! वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण कौरव सेना का संहार क्यों करेंगे और आप पाण्डव सेना का संहार क्यों नहीं करेंगे?॥26 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  8.35.26-27h 
किमर्थं समरे सैन्यं वासुदेवो न्यवारयत्॥ २६॥
किमर्थं च भवान् सैन्यं न हनिष्यति मारिष।
 
 
अनुवाद
‘आदरणीय महोदय! वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण कौरव सेना का संहार क्यों करेंगे और आप पाण्डव सेना का संहार क्यों नहीं करेंगे?॥26 1/2॥
 
‘Respected Sir! Why will Vasudevanandan Sri Krishna kill the Kaurava army and why will you not kill the Pandava army?॥ 26 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)