Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.35.2: वीर! सारथी तो उसे ही बनाना चाहिए जो स्वयं सारथी से भी श्रेष्ठ हो। अतः हे सिंहराज! युद्ध में कर्ण के घोड़ों का संचालन तुम ही करो। | mahabharat अध्याय 8.35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वीर! सारथी तो उसे ही बनाना चाहिए जो स्वयं सारथी से भी श्रेष्ठ हो। अतः हे सिंहराज! युद्ध में कर्ण के घोड़ों का संचालन तुम ही करो।
Brave! Only he should be made the charioteer who is better than the charioteer himself. Therefore, O lion man! You should control Karna's horses in the war.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥