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mahabharat 8.35.17-18h: राजन्! उसने महाबली भीमसेन को भी धनुष की प्रत्यंचा से दबाकर युद्ध करने के लिए उकसाया और उसे मूर्ख, पेटू आदि नामों से पुकारा॥ 17 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  8.35.17-18h 
भीमसेनश्च बलवान् धनुष्कोट्याभिचोदित:॥ १७॥
उक्तश्च संज्ञया राजन् मूढ औदरिको यथा।
 
 
अनुवाद
राजन्! उसने महाबली भीमसेन को भी धनुष की प्रत्यंचा से दबाकर युद्ध करने के लिए उकसाया और उसे मूर्ख, पेटू आदि नामों से पुकारा॥ 17 1/2॥
 
King! He even urged the mighty Bhimasena to fight by pressing him with the bowstrings of his bow and called him names like fool, glutton, etc.॥ 17 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)