Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.35.16-17h: इन सभी दिनों में अर्जुन पूरी तरह से भयभीत था और किसी भी तरह से कर्ण के सामने खड़ा होने में असमर्थ था।   |   mahabharat अध्याय 8.35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  8.35.16-17h 
न चातिष्ठत बीभत्सु: प्रत्यनीके कथंचन॥ १६॥
एतांश्च दिवसान् सर्वान् भयेन महता वृत:।
 
 
अनुवाद
इन सभी दिनों में अर्जुन पूरी तरह से भयभीत था और किसी भी तरह से कर्ण के सामने खड़ा होने में असमर्थ था।
 
During all these days Arjuna was completely frightened and was unable to stand before Karna in any way.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)