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mahabharat 8.35.15-16h: महाबाहो! तुमने अपनी आँखों से देखा कि उस रात सैकड़ों मायावी मायावी घटोत्कच कर्ण के हाथों मारा गया।   |   mahabharat अध्याय 8.35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  8.35.15-16h 
प्रत्यक्षं ते महाबाहो यथा रात्रौ घटोत्कच:॥ १५॥
मायाशतानि कुर्वाणो हतो मायापुरस्कृत:।
 
 
अनुवाद
महाबाहो! तुमने अपनी आँखों से देखा कि उस रात सैकड़ों मायावी मायावी घटोत्कच कर्ण के हाथों मारा गया।
 
Mahabaho! You saw with your own eyes how that night the illusionist Ghatotkacha, who used hundreds of illusions, was killed by Karna. 15 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)