श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  8.35.12-13h 
संजय उवाच
तं तथा भाषमाणं तु मद्रराजमरिंदम:॥ १२॥
प्रत्युवाच महाबाहुरदीनात्मा सुतस्तव।
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! मद्रराज शल्य को ऐसा कहते देख, शत्रुओं का नाश करने वाले आपके पुत्र बलवान दुर्योधन ने बिना किसी संकोच के उनसे इस प्रकार कहा - ॥ 12 1/2॥
 
Sanjaya says - O King! Seeing Madra king Shalya saying such things, your son, the powerful Duryodhana, who destroyed his enemies, without any hesitation replied to him like this -॥ 12 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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