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mahabharat 8.35.11-12h: जब महात्मा श्रीकृष्ण क्रोधित होकर शस्त्र उठा लेंगे, तब तुम्हारी ओर से कोई भी राजा उनके सामने टिक नहीं सकेगा।   |   mahabharat अध्याय 8.35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  8.35.11-12h 
न चापि तस्य क्रुद्धस्य वार्ष्णेयस्य महात्मन:॥ ११॥
स्थास्यते प्रत्यनीकेषु कश्चिदत्र नृपस्तव।
 
 
अनुवाद
जब महात्मा श्रीकृष्ण क्रोधित होकर शस्त्र उठा लेंगे, तब तुम्हारी ओर से कोई भी राजा उनके सामने टिक नहीं सकेगा।
 
When Mahatma Shri Krishna will become angry and take up arms, then no king from your side will be able to stand before him. 11 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)