Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.35.10-11h: यदि सूतपुत्र कर्ण किसी प्रकार कुन्तीकुमार अर्जुन को मार डाले, तो अर्जुन को मारा हुआ देखकर स्वयं श्रीकृष्ण युद्ध करेंगे। उनके हाथों में शंख, चक्र और गदा होंगे। वे तुम्हारी सेना को जलाकर भस्म कर देंगे।॥10 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 35: शल्य और दुर्योधनका वार्तालाप, कर्णका सारथि होनेके लिये शल्यकी स्वीकृति  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  8.35.10-11h 
यदि हन्याच्च कौन्तेयं सूतपुत्र: कथंचन।
दृष्ट्वा पार्थं हि निहतं स्वयं योत्स्यति केशव:॥ १०॥
शङ्खचक्रगदापाणिर्धक्ष्यते तव वाहिनीम्।
 
 
अनुवाद
यदि सूतपुत्र कर्ण किसी प्रकार कुन्तीकुमार अर्जुन को मार डाले, तो अर्जुन को मारा हुआ देखकर स्वयं श्रीकृष्ण युद्ध करेंगे। उनके हाथों में शंख, चक्र और गदा होंगे। वे तुम्हारी सेना को जलाकर भस्म कर देंगे।॥10 1/2॥
 
If Sutaputra Karna somehow kills Kuntikumar Arjun, then after seeing Arjun killed, Shri Krishna himself will fight. He will have conch, discus and mace in his hands. He will burn your army to ashes.॥ 10 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)