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mahabharat 8.34.9: भगवान शिव बोले - हे देवताओं! तुम्हारे अपराधों से जो पापी हैं, वे सब प्रकार से मारे जाने के योग्य हैं। तुम सब मेरी आधी शक्ति और पराक्रम से युक्त हो जाओ और समस्त शत्रुओं का संहार करो।   |   mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  8.34.9 
स्थाणुरुवाच
वध्यास्ते सर्वत: पापा ये युष्मास्वपराधिन:।
मम तेजोबलार्धेन सर्वान् निघ्नत शात्रवान्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
भगवान शिव बोले - हे देवताओं! तुम्हारे अपराधों से जो पापी हैं, वे सब प्रकार से मारे जाने के योग्य हैं। तुम सब मेरी आधी शक्ति और पराक्रम से युक्त हो जाओ और समस्त शत्रुओं का संहार करो।
 
Lord Shiva said - O Gods! The sinners who are guilty of your crimes deserve to be killed in every way. You all are blessed with half of my power and strength and kill all the enemies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)