Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.87-88: उस समय उनके अपने पार्षद भी महाप्रतापी महादेवजी की पूजा कर रहे थे। शिव के वे भयंकर पार्षद नाचते-गाते और एक-दूसरे को डाँटते हुए इधर-उधर दौड़ रहे थे। अन्य कई पार्षद (भूत-प्रेत) मांसाहारी थे। 87-88। | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय उनके अपने पार्षद भी महाप्रतापी महादेवजी की पूजा कर रहे थे। शिव के वे भयंकर पार्षद नाचते-गाते और एक-दूसरे को डाँटते हुए इधर-उधर दौड़ रहे थे। अन्य कई पार्षद (भूत-प्रेत) मांसाहारी थे। 87-88।
At that time his own councillors were also worshipping the illustrious Mahadevji. Those fierce councillors of Shiva were dancing and running around scolding each other. Many other councillors (ghosts and spirits) were meat-eaters. 87-88.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥