Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.85-86h: यह सुनकर देवताओं ने कहा, "प्रभु! आप जो कह रहे हैं वह सत्य है। वे राक्षस अवश्य मारे गए हैं। शक्तिशाली देवता जो कुछ कह रहे हैं, वह असत्य नहीं हो सकता।" यह सोचकर देवताओं को बहुत संतोष हुआ। | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते देवा: सत्यमित्याहुर्निहता इति चाब्रुवन्।
न च तद् वचनं मिथ्या यदाह भगवान् प्रभु:॥ ८५॥
इति संचिन्त्य वै देवा: परां तुष्टिमवाप्नुवन्।
अनुवाद
यह सुनकर देवताओं ने कहा, "प्रभु! आप जो कह रहे हैं वह सत्य है। वे राक्षस अवश्य मारे गए हैं। शक्तिशाली देवता जो कुछ कह रहे हैं, वह असत्य नहीं हो सकता।" यह सोचकर देवताओं को बहुत संतोष हुआ।
Hearing this, the gods said, "Lord! What you are saying is true. Those demons have definitely been killed. Whatever the powerful God is saying, that cannot be false." The gods felt very satisfied thinking this. 85 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥