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mahabharat 8.34.78-79h: भगवान ब्रह्मा अपने तेज से चमकते हुए रथ पर सवार हुए और घोड़ों की लगाम तथा चाबुक अपने हाथ में ले लिया। 78 1/2   |   mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना  »  श्लोक 78-79h
 
 
श्लोक  8.34.78-79h 
आरुह्य भगवान् देवो दीप्यमान: स्वतेजसा॥ ७८॥
अभीषून् हि प्रतोदं च संजग्राह पितामह:।
 
 
अनुवाद
भगवान ब्रह्मा अपने तेज से चमकते हुए रथ पर सवार हुए और घोड़ों की लगाम तथा चाबुक अपने हाथ में ले लिया। 78 1/2
 
Lord Brahma, shining with His own brilliance, mounted on the chariot and took the reins of the horses and the whip in His hands. 78 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)