Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.77-78h: इस प्रकार देवताओं ने उन्हें भगवान शिव का सारथि बना दिया। जब ब्रह्माजी उस प्रजा द्वारा पूजित रथ पर सवार हुए, तो वायु के समान वेगवान घोड़े भूमि पर सिर झुकाकर बैठ गए। | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार देवताओं ने उन्हें भगवान शिव का सारथि बना दिया। जब ब्रह्माजी उस प्रजा द्वारा पूजित रथ पर सवार हुए, तो वायु के समान वेगवान घोड़े भूमि पर सिर झुकाकर बैठ गए।
In this way the gods installed him as the charioteer of Lord Shiva. When Brahma was riding on that chariot worshipped by the people, the horses, as fast as the wind, sat down with their heads bent on the ground. 77 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥