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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना  »  श्लोक 71
 
 
श्लोक  8.34.71 
तत्र सारथिरेष्टव्य: सर्वैरेतैर्विशेषवान्।
तत्प्रतिष्ठो रथो देव हया योद्धा तथैव च॥ ७१॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! सभी में श्रेष्ठ सारथी की खोज करनी चाहिए; क्योंकि रथ, घोड़ों और योद्धाओं की प्रतिष्ठा सारथी पर निर्भर करती है।
 
O Lord! A charioteer should be searched for who is the best among all; because the prestige of the chariot, horses and warriors depends on the charioteer. 71.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)