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mahabharat 8.34.64: उन महात्मा के ये वचन सुनकर सब देवता ब्रह्माजी के पास गए और उन्हें प्रसन्न करके इस प्रकार बोले-॥64॥   |   mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  8.34.64 
एतच्छ्रुत्वा ततो देवा वाक्यमुक्तं महात्मना।
गत्वा पितामहं देवा: प्रसाद्येदं वचोऽब्रुवन्॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
उन महात्मा के ये वचन सुनकर सब देवता ब्रह्माजी के पास गए और उन्हें प्रसन्न करके इस प्रकार बोले-॥64॥
 
After listening to these words of that great soul, all the gods went to Brahmaji and after pleasing him spoke thus -॥ 64॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)