Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.6: भगवान शिव बोले - हे देवताओं! मैं तो चाहता हूँ कि आपके सभी शत्रुओं का वध हो जाए, किन्तु मैं अकेला उन सबको नहीं मार सकता; क्योंकि वे शत्रु दैत्य बहुत शक्तिशाली हैं। | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्थाणुरुवाच
हन्तव्या: शत्रव: सर्वे युष्माकमिति मे मति:।
न त्वेक उत्सहे हन्तुं बलस्था हि सुरद्विष:॥ ६॥
अनुवाद
भगवान शिव बोले - हे देवताओं! मैं तो चाहता हूँ कि आपके सभी शत्रुओं का वध हो जाए, किन्तु मैं अकेला उन सबको नहीं मार सकता; क्योंकि वे शत्रु दैत्य बहुत शक्तिशाली हैं।
Lord Shiva said - O Gods! I think that all your enemies should be killed, but I alone cannot kill them all; because those enemy demons are very powerful.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥