Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.53: कठिन से कठिन लक्ष्य को भी मार डालने में समर्थ, विजयी और ब्रह्मा के शत्रुओं का नाश करने वाले भगवान शिव सदैव धर्म का पालन करने वालों की रक्षा करते हैं और पापियों का नाश करते हैं ॥ 53॥ | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दुश्च्यावच्यावनो जेता हन्ता ब्रह्मद्विषां हर:।
नित्यं त्राता च हन्ता च धर्माधर्माश्रितान् नरान्॥ ५३॥
अनुवाद
कठिन से कठिन लक्ष्य को भी मार डालने में समर्थ, विजयी और ब्रह्मा के शत्रुओं का नाश करने वाले भगवान शिव सदैव धर्म का पालन करने वालों की रक्षा करते हैं और पापियों का नाश करते हैं ॥ 53॥
Capable of killing even the most difficult target, victorious, and the destroyer of enemies of Brahma, Lord Shiva always protects those who follow Dharma and destroys sinners. ॥ 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥