Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.49: भगवान विष्णु, अग्नि और चंद्रमा - ये बाण थे; क्योंकि सम्पूर्ण जगत् अग्नि और सोम का ही स्वरूप है। इसके अतिरिक्त सम्पूर्ण जगत् को वैष्णव (विष्णुमय) भी कहा गया है। 49॥ | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान विष्णु, अग्नि और चंद्रमा - ये बाण थे; क्योंकि सम्पूर्ण जगत् अग्नि और सोम का ही स्वरूप है। इसके अतिरिक्त सम्पूर्ण जगत् को वैष्णव (विष्णुमय) भी कहा गया है। 49॥
Lord Vishnu, Agni and Moon—these were the arrows; Because the entire universe is the form of Agni and Soma. Besides, the whole world is also called Vaishnav (Vishnumaya). 49॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥