Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.44: अथर्व और अंगिरा महात्मा शिव के रथ के पहियों की रक्षा करने लगे। ऋग्वेद, सामवेद और समस्त पुराण उस रथ के आगे चलने वाले योद्धा बन गए। 44। | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अथर्वाङ्गिरसावास्तां चक्ररक्षौ महात्मन:।
ऋग्वेद: सामवेदश्च पुराणं च पुर:सरा:॥ ४४॥
अनुवाद
अथर्व और अंगिरा महात्मा शिव के रथ के पहियों की रक्षा करने लगे। ऋग्वेद, सामवेद और समस्त पुराण उस रथ के आगे चलने वाले योद्धा बन गए। 44।
Atharva and Angira started protecting the wheels of the chariot of Mahatma Shiva. Rigveda, Samveda and all the Puranas became the warriors walking ahead of that chariot. 44.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥