Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.37: महादेवजी के लिए एक दिव्य कवच तैयार किया गया जो बहुमूल्य, रत्नों से विभूषित, रजोगुण से रहित (या धूल से रहित स्वच्छ), अभेद्य और कालचक्र की पहुँच से परे था॥ 37॥ | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महादेवजी के लिए एक दिव्य कवच तैयार किया गया जो बहुमूल्य, रत्नों से विभूषित, रजोगुण से रहित (या धूल से रहित स्वच्छ), अभेद्य और कालचक्र की पहुँच से परे था॥ 37॥
A divine shield was prepared for Mahadeva which was precious, adorned with gems, devoid of Rajoguna (or clean without dust), impenetrable and beyond the reach of the time wheel.॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥