Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.32-33h: देवताओं ने जगत के चार रक्षकों इंद्र, वरुण, यम और कुबेर को उस रथ का घोड़ा बनाया। इस रथ की अधिष्ठात्री देवियाँ, अर्थात् सिनीवाली, अनुमती, कुहू और उत्तम व्रत का पालन करने वाली राका, को घोड़ों के जुए का रूप दिया गया और इनके अधिष्ठाता देवताओं को घोड़ों की लगाम के हुक बनाए गए। | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवताओं ने जगत के चार रक्षकों इंद्र, वरुण, यम और कुबेर को उस रथ का घोड़ा बनाया। इस रथ की अधिष्ठात्री देवियाँ, अर्थात् सिनीवाली, अनुमती, कुहू और उत्तम व्रत का पालन करने वाली राका, को घोड़ों के जुए का रूप दिया गया और इनके अधिष्ठाता देवताओं को घोड़ों की लगाम के हुक बनाए गए।
The gods made Indra, Varuna, Yama and Kubera – the four guardians of the world – the horses of that chariot. The presiding goddesses of this chariot, namely Sinivali, Anumaati, Kuhu and Raka, who observes the best fast, were given the form of the yoke of the horses and the deities in charge of these were made the hooks of the reins of the horses. 32 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥