Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.26: धर्म, अर्थ और काम को त्रिवेणु के समान संयोजित करके रथ का आसन बनाया गया। फल-फूलों सहित औषधियों और लताओं को घंटी का आकार दिया गया॥26॥ | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धर्म, अर्थ और काम को त्रिवेणु के समान संयोजित करके रथ का आसन बनाया गया। फल-फूलों सहित औषधियों और लताओं को घंटी का आकार दिया गया॥26॥
Dharma, Artha and Kama - like Trivenu - were combined to form the seat of the chariot. The medicinal herbs and creepers along with fruits and flowers were given the shape of a bell.॥26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥