Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.159-160: राजन्! मैं किसी भी प्रकार से यह नहीं मानता कि कर्ण सूत कुल में उत्पन्न हुआ था। मैं तो उसे क्षत्रिय कुल में उत्पन्न ईश्वर का पुत्र मानता हूँ। मेरा मानना है कि उसकी माता ने अपना रहस्य छिपाने और उसे अन्य कुल का बालक कहकर प्रसिद्ध करने के लिए उसे सूत कुल में छोड़ दिया होगा। 159-160. | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन्! मैं किसी भी प्रकार से यह नहीं मानता कि कर्ण सूत कुल में उत्पन्न हुआ था। मैं तो उसे क्षत्रिय कुल में उत्पन्न ईश्वर का पुत्र मानता हूँ। मेरा मानना है कि उसकी माता ने अपना रहस्य छिपाने और उसे अन्य कुल का बालक कहकर प्रसिद्ध करने के लिए उसे सूत कुल में छोड़ दिया होगा। 159-160.
King! I do not believe in any way that Karna was born in the Sut clan. I consider him to be a son of God born in a Kshatriya clan. I believe that his mother must have left him in the Sut clan to hide her secret and to make him famous as a child of another clan. 159-160.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥