Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.157-158h: राजन! इस प्रकार यह प्राचीन कथा उस समय ऋषि ने मेरे पिता से कही थी। पुरुषसिंह! भृगुनंदन परशुराम ने भी अत्यंत प्रसन्न मन से महामना कर्ण को दिव्य धनुर्वेद प्रदान किया है। 157 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! इस प्रकार यह प्राचीन कथा उस समय ऋषि ने मेरे पिता से कही थी। पुरुषसिंह! भृगुनंदन परशुराम ने भी अत्यंत प्रसन्न मन से महामना कर्ण को दिव्य धनुर्वेद प्रदान किया है। 157 1/2॥
Rajan! Thus this ancient story was told by the sage to my father at that time. Purusha Singh! Bhrigunandan Parshuram has also given the divine Dhanurveda to Mahamana Karna with a very happy heart. 157 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥