श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना  »  श्लोक 153
 
 
श्लोक  8.34.153 
वरान् प्रादाद् बहुविधान् भार्गवाय महात्मने।
उक्तश्च देवदेवेन प्रीतियुक्तेन शूलिना॥ १५३॥
 
 
अनुवाद
उन देवों के देव त्रिशूलधारी भगवान शिव ने महात्मा भार्गव को अत्यंत प्रसन्नतापूर्वक अनेक प्रकार के वर प्रदान किए ॥153॥
 
That God of Gods, Lord Shiva with the trident, very happily bestowed various types of boons on Mahatma Bhargava. 153॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)