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mahabharat 8.34.15: इसलिए तुम सब लोग मेरे लिए रथ और धनुष-बाण की खोज करो, जिससे मैं आज पृथ्वी पर इन राक्षसों का संहार कर सकूँ।॥15॥   |   mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  8.34.15 
ते यूयं मे रथं चैव धनुर्बाणं तथैव च।
पश्यध्वं यावदद्यैतान् पातयामि महीतले॥ १५॥
 
 
अनुवाद
इसलिए तुम सब लोग मेरे लिए रथ और धनुष-बाण की खोज करो, जिससे मैं आज पृथ्वी पर इन राक्षसों का संहार कर सकूँ।॥15॥
 
Therefore you all search for a chariot and a bow and arrow for me, with which I can kill these demons on the earth today.'॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)