श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना  »  श्लोक 141
 
 
श्लोक  8.34.141 
तत: सम्भूय विबुधास्तान् हन्तुं कृतनिश्चया:।
चक्रु: शत्रुवधे यत्नं न शेकुर्जेतुमेव तान्॥ १४१॥
 
 
अनुवाद
तब सब देवताओं ने एकत्र होकर उन्हें मारने का विचार किया और अपने शत्रुओं को मारने का प्रयत्न किया; परन्तु वे उन्हें पराजित न कर सके ॥141॥
 
Then all the gods gathered together and decided to kill them and made efforts to kill their enemies; but they could not defeat them. ॥ 141॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)