Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.137-138: इससे महादेवजी महात्मा परशुराम पर प्रसन्न हो गए और उन्होंने देवी पार्वती से उनके गुणों का बार-बार वर्णन किया - ‘दृढ़तापूर्वक उत्तम व्रतों का पालन करने वाले ये परशुराम सदैव मुझमें भक्ति रखते हैं’ ॥137-138॥ | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इससे महादेवजी महात्मा परशुराम पर प्रसन्न हो गए और उन्होंने देवी पार्वती से उनके गुणों का बार-बार वर्णन किया - ‘दृढ़तापूर्वक उत्तम व्रतों का पालन करने वाले ये परशुराम सदैव मुझमें भक्ति रखते हैं’ ॥137-138॥
Due to this, Mahadevji became pleased with Mahatma Parshuram and he repeatedly described his qualities to Goddess Parvati - 'This Parashuram, who firmly observes the best fasts, always has devotion towards me'. 137-138॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥