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mahabharat 8.34.131-d9h: उसकी भक्ति और संयम से प्रसन्न होकर सबके हितकारी महादेव ने उसके अन्तःकरण को जानकर उसे अपना दिव्य शरीर दिखाया ॥131॥   |   mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना  »  श्लोक 131-d9h
 
 
श्लोक  8.34.131-d9h 
तस्य तुष्टो महादेवो भक्त्या च प्रशमेन च।
हृद्‍गतं चास्य विज्ञाय दर्शयामास शङ्कर:॥ १३१॥
(प्रत्यक्षेण महादेव: स्वां तनुं सर्वशङ्कर:।)
 
 
अनुवाद
उसकी भक्ति और संयम से प्रसन्न होकर सबके हितकारी महादेव ने उसके अन्तःकरण को जानकर उसे अपना दिव्य शरीर दिखाया ॥131॥
 
Pleased with his devotion and self-control, the all-benefactor of all, Mahadeva, knowing his inner thoughts, showed him his divine body. ॥131॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)