Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.34.125: मद्रराज! राज्य प्राप्ति की मेरी अभिलाषा और जीवन की आशा आप पर ही निर्भर है। आज कर्ण के सारथी बनकर मैं जो विजय प्राप्त करने जा रहा हूँ, उसकी सफलता भी आप पर ही निर्भर है॥ 125॥ | mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मद्रराज! राज्य प्राप्ति की मेरी अभिलाषा और जीवन की आशा आप पर ही निर्भर है। आज कर्ण के सारथी बनकर मैं जो विजय प्राप्त करने जा रहा हूँ, उसकी सफलता भी आप पर ही निर्भर है॥ 125॥
Madraraj! My desire to gain a kingdom and my hope for life depend on you. The success of the victory that I am going to achieve today as you act as Karna's charioteer also depends on you.॥ 125॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥