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mahabharat 8.34.124: हे शल्य! ऐसा प्रयत्न करो कि कर्ण श्वेत घोड़े पर सवार अर्जुन को कुचलकर मार डाले, जिसका सारथि भगवान श्रीकृष्ण हैं।   |   mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना  »  श्लोक 124
 
 
श्लोक  8.34.124 
यथा शल्याद्य कर्णोऽयं श्वेताश्वं कृष्णसारथिम्।
प्रमथ्य हन्यात् कौन्तेयं तथा शीघ्रं विधीयताम्॥ १२४॥
 
 
अनुवाद
हे शल्य! ऐसा प्रयत्न करो कि कर्ण श्वेत घोड़े पर सवार अर्जुन को कुचलकर मार डाले, जिसका सारथि भगवान श्रीकृष्ण हैं।
 
O Shalya, please make such an effort that Karna crushes and kills Arjuna, who rides on a white horse, whose charioteer is Lord Krishna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)