श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना  »  श्लोक 116
 
 
श्लोक  8.34.116 
स चात्मक्रोधजो वह्निर्हाहेत्युक्त्वा निवारित:।
मा कार्षीर्भस्मसाल्लोकानिति त्र्यक्षोऽब्रवीच्च तम्॥ ११६॥
 
 
अनुवाद
अपने ही क्रोधसे प्रकट हुई उस अग्निको भगवान् त्रिलोचनने ‘हा-हा’ कहकर रोक लिया और उससे कहा - ‘तुम सम्पूर्ण जगत् को मत जलाओ’ ॥116॥
 
The fire that had appeared due to his own anger was stopped by Lord Trilochan by saying 'Ha-Ha' and said to him - 'Don't burn the entire world'. 116॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)