स तद् विकृष्य भगवान् दिव्यं लोकेश्वरो धनु:॥ ११२॥
त्रैलोक्यसारं तमिषुं मुमोच त्रिपुरं प्रति।
अनुवाद
तब सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के स्वामी भगवान रुद्र ने अपना दिव्य धनुष खींचा और त्रिपुर पर तीनों लोकों का सार युक्त बाण चलाया।
Then Lord Rudra, the Lord of the entire universe, pulled his divine bow and shot the arrow containing the essence of all three worlds at Tripura. 112 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥