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mahabharat 8.34.109-110h: जब तीनों एक हो गए और त्रिपुर राज्य प्राप्त हुआ, तब महाहृदयी देवताओं को बहुत प्रसन्नता हुई।   |   mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना  »  श्लोक 109-110h
 
 
श्लोक  8.34.109-110h 
एकीभावं गते चैव त्रिपुरत्वमुपागते॥ १०९॥
बभूव तुमुलो हर्षो देवतानां महात्मनाम्।
 
 
अनुवाद
जब तीनों एक हो गए और त्रिपुर राज्य प्राप्त हुआ, तब महाहृदयी देवताओं को बहुत प्रसन्नता हुई।
 
When all three became one and achieved the state of Tripura, then the great-hearted gods felt very happy. 109 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)