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mahabharat 8.34.10: देवताओं ने कहा - महेश्वर ! हम आपके बल का आधा भी सहन नहीं कर सकते; अतः आप ही हम सबकी आधी शक्ति से शत्रुओं का संहार करें॥ 10॥   |   mahabharat अध्याय 8.34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 34: दुर्योधनका शल्यको शिवके विचित्र रथका विवरण सुनाना और शिवजीद्वारा त्रिपुर-वधका उपाख्यान सुनाना एवं परशुरामजीके द्वारा कर्णको दिव्य अस्त्र मिलनेकी बात कहना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.34.10 
देवा ऊचु:
बिभर्तुं भवतोऽर्धं तु न शक्ष्यामो महेश्वर।
सर्वेषां नो बलार्धेन त्वमेव जहि शात्रवान्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
देवताओं ने कहा - महेश्वर ! हम आपके बल का आधा भी सहन नहीं कर सकते; अतः आप ही हम सबकी आधी शक्ति से शत्रुओं का संहार करें॥ 10॥
 
The gods said - Maheshwar! We cannot bear even half of your strength; hence you alone must kill the enemies with half the strength of all of us.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)